कक्षा 8 संस्कृत अपठित गद्यांश Sanskrit Apathit Gadyansh CBSE Class 8 Sanskrit Unseen Passage: 7 Practice Worksheets

अपठित-अवबोधन अथवा अपठित गद्यांश का अर्थ होता है, ऐसा अनुच्छेद जो पहले से न पढ़ा गया हो। इस भाग को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने का उद्देश्य छात्रों में रटने के बजाय समझने की प्रवृत्ति को बढ़ाना है। कक्षा 8 संस्कृत अपठित गद्यांश (Class 8 Sanskrit unseen passage) कक्षा 6 और 7 से थोड़ा अधिक कठिन होता है। लेकिन इसके प्रश्नोत्तर का प्रारूप एक जैसा ही होता है। कक्षा 8 में भी पूर्णवाक्य में उत्तर, एक पद में उत्तर और भाषिक कार्य सम्बन्धी प्रश्न पूछे जाते हैं।

आज की इस पोस्ट में हम कक्षा 8 संस्कृत अपठित गद्यांश (Class 8 Sanskrit Unseen Passage) का अभ्यास करेंगे। आपकी बेहतर समझ के लिए यहाँ गद्यांश के साथ-साथ प्रश्नोत्तर, उत्तरमाला, और हिंदी व अंग्रेजी अनुवाद (Translation) भी दिया गया है।

An unseen passage means a paragraph that you have not read before. Including this section in the curriculum aims to improve understanding rather than rote learning.

Class 8 Sanskrit unseen passage are slightly harder than Class 6 and 7 passages. However, the question format remains the same. Class 8 also includes full-sentence answers, one-word answers, and grammar-based questions.

In this post, we will practice Class 8 Sanskrit unseen passages. We provide questions, answers, answer keys, and translations in both Hindi and English for your better understanding.

संस्कृत अपठित गद्यांश में आमतौर पर कुल 10 अंक के प्रश्न होते हैं, जिन्हें निम्नलिखित चार भागों में विभाजित किया जाता है:

एकपदेन उत्तरत (One-word answers)

इसमें 2-3 प्रश्न होते हैं, जिनका उत्तर छात्रों को केवल एक शब्द में देना होता है। (अंक: 2)

पूर्णवाक्येन उत्तरत (Full-sentence answers)

इसमें 2-3 प्रश्न होते हैं, जिनका उत्तर छात्रों को गद्यांश से ढूँढ़कर पूरे वाक्य में लिखना होता है। (अंक: 4)

उचितं शीर्षकं लिखत (Suitable Title)

छात्रों को पूरे गद्यांश को समझकर उसके लिए एक उपयुक्त नाम (शीर्षक) लिखना होता है। (अंक: 1)

भाषिक-कार्यम् / व्याकरण-कार्यम् (Grammar-based questions)

इसमें गद्यांश पर आधारित व्याकरण के प्रश्न पूछे जाते हैं, जैसे: (अंक: 3)

  1. कर्तृ-क्रिया पद चयन: वाक्य में से कर्ता (Subject) या क्रिया (Verb) पहचानना।
  2. विशेषण-विशेष्य: वाक्य में से विशेषण या विशेष्य शब्द ढूँढ़ना।
  3. विलोम / पर्यायवाची शब्द: गद्यांश में आए किसी शब्द का उल्टा या समान अर्थ वाला शब्द खोजना।
  4. सर्वनाम प्रयोग: किसी संज्ञा के स्थान पर आए सर्वनाम शब्द को पहचानना।

English Translation (अंग्रेज़ी अनुवाद)

The question pattern for the Class 8 Sanskrit Unseen Passage (अपठित गद्यांश) exams follows a structured format designed to test the students’ comprehension and grammatical skills.

Generally carrying a total of 10 marks, the questions are divided into the following four sections:

Ekapadena Uttarata (One-word answers)

Consists of 2-3 questions where students must answer in just one word. (Marks: 2)

Purnavakyena Uttarata (Full-sentence answers)

Consists of 2-3 questions where students need to locate the information and answer in complete sentences. (Marks: 4)

Uchitam Shirshakam Likhata (Suitable Title)

Students are required to understand the core theme of the passage and provide a befitting title. (Marks: 1)

Bhashika-Karyam / Vyakarana-Karyam (Grammar-based questions)

Text-based grammar questions that include: (Marks: 3)

  1. Subject-Verb Identification: Identifying the subject (कर्ता) or verb (क्रिया) in a given sentence.
  2. Adjective-Noun Relationship: Finding the adjective (विशेषण) or the noun it qualifies (विशेष्य).
  3. Antonyms / Synonyms: Locating the opposite or similar word from the passage for a given term.
  4. Pronoun Usage: Identifying the pronoun used in place of a specific noun.

प्रथम: अभ्यास: – गङ्गा नदी (First Practice : Ganga River)

निर्देश: अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत-

(नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए-)

अस्माकं देशे अनेकाः नद्यः प्रवहन्ति। तासु गङ्गा नदी सर्वश्रेष्ठा पावनतमा च मन्यते। इयं हिमालयात् प्रभवति (निकलती है) बंगोपसागरे च पतति। गङ्गायाः तटे अनेकानि तीर्थनगराणि स्थितानि सन्ति, यथा- ऋषिकेशः, हरिद्वारम्, प्रयागः, काशी च। गङ्गाजलम् पवित्रं रोगनाशकं च भवति। अतः भारतीयाः जनन्याः (माता के) सदृशीं गङ्गां पूजयन्ति। पर्यावरण-रक्षणाय अस्माभिः गङ्गाजलम् सदा स्वच्छं रक्षणीयम्।

प्रश्नोत्तर (Questions based on Passage)

I. एकपदेन उत्तरत (Answer in one word)
  1. अस्माकं देशे का सर्वश्रेष्ठा पावनतमा च मन्यते?
  2. गङ्गा नदी कस्मात् प्रभवति?
II. पूर्णवाक्येन उत्तरत (Answer in full sentence)

3. गङ्गायाः तटे कानि तीर्थनगराणि स्थितानि सन्ति?
4. भारतीयाः गङ्गां कथं पूजयन्ति?

    III. भाषिक-कार्यम् / व्याकरण प्रश्न (Grammar Based Questions)

    5. गद्यांशे ‘नद्यः’ इति पदस्य विशेषणपदं किम्? (अनेकाः / प्रवहन्ति)
    6. ‘पावनतमा’ इति पदस्य कः अर्थः? (पवित्र: / अपवित्र:)
    7. ‘पतति’ इति क्रियापदस्य कर्तृपदं (Subject) किम्? (हिमालयात् / गङ्गा)

    उत्तरमाला

      हिंदी अनुवाद (Hindi Translation)

      हमारे देश में अनेक नदियाँ बहती हैं। उनमें गंगा नदी सबसे श्रेष्ठ और पवित्र मानी जाती है। यह हिमालय से निकलती है और बंगाल की खाड़ी में गिरती है। गंगा के तट पर अनेक तीर्थ शहर स्थित हैं, जैसे- ऋषिकेश, हरिद्वार, प्रयाग और काशी। गंगा का पानी पवित्र और रोगों का नाश करने वाला होता है। इसलिए, भारतीय लोग गंगा को माता के समान पूजते हैं। पर्यावरण की रक्षा के लिए हमें गंगा के जल को हमेशा स्वच्छ रखना चाहिए।

      अंग्रेजी अनुवाद (English Translation)

      Many rivers flow in our country. Among them, the Ganges river is considered the best and most sacred. It originates from the Himalayas and falls into the Bay of Bengal. Many pilgrimage cities are situated on the banks of the Ganges, such as- Rishikesh, Haridwar, Prayag, and Kashi. The water of the Ganges is holy and cures diseases. Therefore, Indians worship the Ganges like a mother. To protect the environment, we must always keep the water of the Ganges clean.

      द्वितीयः अभ्यासः – परोपकारस्य महत्त्वम् (Importance of Helping Others)

      निर्देश: अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत-

      (नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए-)

      परेषाम् उपकारः परोपकारः कथ्यते। संसारे परोपकारः एव सर्वश्रेष्ठः धर्मः अस्ति। प्रकृत्याः सर्वे अपि पदार्थाः परोपकाराय एव सन्ति। वृक्षाः परोपकाराय फलन्ति, नद्यः परोपकाराय वहन्ति, गावः (गायें) च परोपकाराय दुग्धं यच्छन्ति। सज्जनाः सदा अन्येषां सुखाय कार्यं कुर्वन्ति। यः मानवः स्वार्थं त्यक्त्वा दीनानां सहायतां करोति, सः एव सत्यार्थे मानवः अस्ति। अस्माभिः अपि जीवने सदा परोपकारः करणीयः।

      प्रश्नोत्तर (Questions)

      I. एकपदेन उत्तरत (Answer in one word)
      1. संसारे सर्वश्रेष्ठः धर्मः कः अस्ति?
      2. वृक्षाः किमर्थं फलन्ति?
      II. पूर्णवाक्येन उत्तरत (Answer in full sentence)

      3. प्रकृत्याः के पदार्थाः परोपकाराय सन्ति
      4. सत्यार्थे मानवः कः अस्ति?

      III. भाषिक-कार्यम् / व्याकरण प्रश्न (Grammar Based Questions):

      5. गद्यांशे ‘सज्जनाः’ इति पदस्य विलोमपदं किम्? (दुर्जनाः / देवाः)
      6. ‘वहन्ति’ इति क्रियापदस्य कर्तृपदं (Subject) किम्? (नद्यः / गावः)
      7. परोपकारः’ इति पदस्य कः संधि विच्छेदः? (पर + उपकारः / परो + पकारः)

      उत्तरमाला (Answer Key)

        हिंदी अनुवाद (Hindi Translation)

        दूसरों का उपकार करना परोपकार कहलाता है। संसार में परोपकार ही सर्वश्रेष्ठ धर्म है। प्रकृति के सभी पदार्थ भी परोपकार के लिए ही हैं। पेड़ परोपकार के लिए फल देते हैं, नदियाँ परोपकार के लिए बहती हैं और गायें परोपकार के लिए दूध देती हैं। सज्जन लोग हमेशा दूसरों के सुख के लिए कार्य करते हैं। जो मनुष्य स्वार्थ छोड़कर गरीबों की सहायता करता है, वही सच्चे अर्थों में मनुष्य है। हमें भी जीवन में हमेशा परोपकार करना चाहिए।

        अंग्रेजी अनुवाद (English Translation)

        Helping others is called Paropkar (benevolence). Benevolence is the best religion in the world. All elements of nature are also for the sake of helping others. Trees bear fruit for others, rivers flow for others, and cows give milk for others. Good people always work for the happiness of others. A human being who leaves selfishness and helps the poor is a human being in the true sense. We should also always practice benevolence in our life.

        तृतीयः अभ्यासः 3: सङ्गणकस्य (कम्प्यूटर) उपयोगिता ( Practice 3 Class 8 Sanskrit Unseen Passage : Use of Computers)

        निर्देश: अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत-

        (नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए-)

        अद्यतनं युगं सूचना-प्रौद्योगिक्याः युगम् अस्ति। अस्मिन् युगे ‘सङ्गणकम्’ (कम्प्यूटर) मानवजीवनस्य अभिन्नम् अङ्गम् अस्ति। सङ्गणकम् एकं विद्युच्चालितं यन्त्रं वर्तते, यत् तीव्रेण वेगेन गणनां करोति। अद्य चिकित्सा-क्षेत्रे, वित्तकोष-संस्थासु, विद्यालयेषु, सर्वकारीय-कार्यालयेषु च सर्वत्र अस्य प्रयोगः दृश्यते। इन्टरनेट-माध्यमेन वयम् एकस्मिन् क्षणे एव देश-विदेशस्य समाचारान् प्राप्नुमः। छात्राः अपि ऑनलाइन-शिक्षायै अस्य उपयोगं कुर्वन्ति। परन्तु अत्यधिकः प्रयोगः स्वास्थ्यस्य कृते हानिकारकः अस्ति, अतः संयमेन अस्य उपयोगः करणीयः।

        प्रश्नोत्तर (Questions)

        I. एकपदेन उत्तरत (Answer in one word)
        1. अद्यतनं युगं कस्य युगम् अस्ति?
        2. सङ्गणकम् कीदृशं यन्त्रं वर्तते?
        II. पूर्णवाक्येन उत्तरत (Answer in full sentence)

        3. सङ्गणकस्य प्रयोगः कुत्र कुत्र दृश्यते?
        4. इन्टरनेट-माध्यमेन वयं किं प्राप्नुमः?

          III. भाषिक-कार्यम् / व्याकरण प्रश्न (Grammar Based Questions)

          5. गद्यांशे ‘अभिन्नम्’ इति पदस्य विशेष्यपदं किम्? (अङ्गम् / युगम्)
          6. ‘तीव्रेण वेगेन’ इति पदयोः विशेषणपदं किम्? (वेगेन / तीव्रेण)
          7. ‘प्राप्नुमः’ इति क्रियापदस्य लट्लकारस्य पुरुषः कः? (उत्तमपुरुषः / मध्यमपुरुषः)

          उत्तरमाला (Answer Key)

          हिंदी अनुवाद (Hindi Translation)

          आज का युग सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) का युग है। इस युग में ‘कंप्यूटर’ मानव जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। कंप्यूटर एक बिजली से चलने वाला यंत्र है, जो बहुत तेज गति से गणना करता है। आज चिकित्सा के क्षेत्र में, बैंकों में, स्कूलों में और सरकारी कार्यालयों में हर जगह इसका उपयोग देखा जाता है। इंटरनेट के माध्यम से हम एक ही क्षण में देश-विदेश के समाचार प्राप्त कर लेते हैं। छात्र भी ऑनलाइन शिक्षा के लिए इसका उपयोग करते हैं। लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, इसलिए संयम से इसका उपयोग करना चाहिए।

          अंग्रेजी अनुवाद (English Translation)

          Today’s era is the era of Information Technology. In this era, ‘Computer’ has become an integral part of human life. A computer is an electrically operated machine that performs calculations at a very fast speed. Today, its use is seen everywhere in the medical field, banks, schools, and government offices. Through the internet, we get news of the country and abroad in just a single moment. Students also use it for online education. However, excessive use is harmful to health, so it should be used with moderation.

          चतुर्थः अभ्यासः 4: संस्कृत अपठित गद्यांश कक्षा 8 – विज्ञानं अंतरिक्ष-अन्वेषणं च (Science and Space Exploration)

          निर्देश: अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत-

          (नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए-)

          आधुनिके युगे विज्ञानस्य आविष्काराः विस्मयकारिणः सन्ति। तेषु अंतरिक्ष-अन्वेषणं (Space Exploration) भारतस्य कृते महती उपलव्धिः अस्ति। अस्माकं देशस्य वैज्ञानिकाः ‘इसरो’ (ISRO) संस्थायाः माध्यमेन चन्द्रलोके मङ्गललोके च उपग्रहान् प्रेषितवन्तः। चन्द्रयान-अभियानेन भारतेन इतिहासः रचितः। एते आविष्काराः केवलं देशस्य गौरवं न वर्धयन्ति, अपितु ऋतूनाम् जलवायोः  पूर्वानुमानं, संचार-व्यवस्थां च सुदृढ़ां कुर्वन्ति। विज्ञानं मनुष्याय वरदानम् अस्ति, यदि अस्य प्रयोगः मानव-कल्याणाय एव क्रियेत।

          प्रश्नोत्तर (Questions)

          I. एकपदेन उत्तरत (Answer in one word)
          1. अंतरिक्ष-अन्वेषणं कस्य कृते महती उपलब्धिः अस्ति?
          2.  वैज्ञानिकाः कस्याः संस्थायाः माध्यमेन उपग्रहान् प्रेषितवन्तः?
          II. पूर्णवाक्येन उत्तरत (Answer in full sentence)

          3. चन्द्रयान-अभियानेन किं जातम्?
          4. अंतरिक्ष-आविष्काराः केषु कार्येषु सहायतां कुर्वन्ति?

            III. भाषिक-कार्यम् / व्याकरण प्रश्न (Grammar Based Questions)

            5. ‘वरदानम्’ इति पदस्य विलोमपदं किम्? (अभिशापम् / उपहारम्)
            6. ‘आधुनिके युगे’ इति पदयोः विशेषणपदं किम्? (युगे / आधुनिके)
            7. ‘रचितः’ इति पदे कः प्रत्ययः अस्ति? (क्त प्रत्ययः / क्त्वा प्रत्ययः)

              उत्तरमाला (Answer Key)

              हिंदी अनुवाद (Hindi Translation)

              आधुनिक युग में विज्ञान के आविष्कार आश्चर्यजनक हैं। उनमें से अंतरिक्ष अन्वेषण (Space Exploration) भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हमारे देश के वैज्ञानिकों ने ‘इसरो’ (ISRO) संस्था के माध्यम से चंद्रमा और मंगल ग्रह पर उपग्रह भेजे हैं। चंद्रयान मिशन से भारत ने इतिहास रच दिया है। ये आविष्कार न केवल देश का गौरव बढ़ाते हैं, बल्कि मौसम के पूर्वानुमान और संचार व्यवस्था को भी मजबूत करते हैं। विज्ञान मनुष्य के लिए वरदान है, बशर्ते इसका उपयोग मानव कल्याण के लिए ही किया जाए।

              अंग्रेजी अनुवाद (English Translation)

              In the modern era, the inventions of science are astonishing. Among them, space exploration is a great achievement for India. The scientists of our country have sent satellites to the Moon and Mars through the ‘ISRO’ organization. India has created history with the Chandrayaan mission. These inventions not only increase the pride of the country but also strengthen weather forecasting and communication systems. Science is a boon for mankind, provided its use is done only for human welfare

              पञ्चमः अभ्यासः 5: सामाजिक अंतर्जाल- मञ्चाः (सोशल मीडिया) तस्य प्रभावाः च (Social Media and its Effects)

              विषय: सोशल मीडिया का प्रभाव (Impact of Social Media)

              निर्देश: अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत-

              (नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए-)

              साम्प्रतिके समये ‘सामाजिक अंतर्जाल-मञ्चाः ‘ (सोशल मीडिया) युवकानाम कृते अतीव प्रियं माध्यमम् अस्ति। फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब इत्यादयः मञ्चाः विचार-विमर्शाय ज्ञान-वर्धनाय च उपयुक्ताः सन्ति। अस्य साहाय्येन वयम् विश्वे कुत्रापि स्थितैः मित्रैः सह वार्तालापं कर्तुं शक्नुमः। कलाकाराः स्वप्रतिभां प्रदर्शयितुं शक्नुवन्ति। परन्तु अस्य अत्यधिकः उपयोगः ‘आभासी-व्यसनं’ (Digital Addiction) जनयति। अनेन तरुणानां समयस्य अपव्ययः भवति, मानसिक-तनावः च वर्धते। अतः अस्य सदुपयोगः ज्ञानार्जनाय एव करणीयः, न तु समय-नाशाय।

              प्रश्नोत्तर (Questions)

              I. एकपदेन उत्तरत (Answer in one word)
              1. साम्प्रतिके समये युवकानाम कृते अतीव प्रियं माध्यमम् किम् अस्ति?
              2. अत्यधिकः उपयोगः किम् जनयति?

              II. पूर्णवाक्येन उत्तरत (Answer in full sentence):

              3. आभासी-अंतरजालस्य के मञ्चाः विचार- विमर्शाय उपयुक्ताः सन्ति?
              4. सामाजिक अंतरजाल मञ्चानाम् अत्यधिक उपयोगें तरुणानां का हानिः भवति?

                III. भाषिक-कार्यम् / व्याकरण प्रश्न (Grammar Based Questions):

                5. ‘प्रियं’ इति पदस्य विशेष्यपदं किम्? (माध्यमम् / समये)
                6. ‘अपव्ययः’ इति पदस्य विलोमपदं किम्? (सदुपयोगः / व्ययः)
                7. ‘शक्नुमः’ इति क्रियापदे कः लकारः अस्ति? (लट्लकारः / लोट्लकारः)

                उत्तरमाला (Answer Key)

                हिंदी अनुवाद (Hindi Translation)

                वर्तमान समय में ‘सोशल मीडिया’ युवाओं के लिए बहुत प्रिय माध्यम है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब आदि मंच विचारों के आदान-प्रदान और ज्ञान बढ़ाने के लिए उपयोगी हैं। इसकी सहायता से हम विश्व में कहीं भी स्थित मित्रों के साथ बातचीत कर सकते हैं। कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग ‘डिजिटल एडिक्शन’ (लत) को जन्म देता है। इससे युवाओं के समय की बर्बादी होती है और मानसिक तनाव बढ़ता है। इसलिए इसका सदुपयोग ज्ञान प्राप्त करने के लिए ही करना चाहिए, समय नष्ट करने के लिए नहीं।

                अंग्रेजी अनुवाद (English Translation)

                In the present time, ‘Social Media’ is a very popular medium among youth. Platforms like Facebook, Instagram, and YouTube are useful for exchanging thoughts and increasing knowledge. With its help, we can converse with friends located anywhere in the world. Artists can showcase their talent. However, its excessive use leads to ‘Digital Addiction’. Due to this, the time of youth is wasted and mental stress increases. Therefore, it should be used wisely only for gaining knowledge, not for wasting time.

                षष्ठः अभ्यास : कृत्रिम-बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI)

                विषय: एआई और भविष्य (AI and the Future)

                निर्देश: अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत-

                (नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए-)

                विज्ञानस्य क्षेत्रे ‘कृत्रिम-बुद्धिमत्ता’ (Artificial Intelligence) एकः नवीनः विस्मयकारी आविष्कारः अस्ति। एषा एतादृशी प्रौद्योगिकी अस्ति, यया सङ्गणक-यन्त्राणि मानववत् विचारं कर्तुं निर्णयं च कर्तुं शक्नुवन्ति। अद्य रोबोट-यन्त्राणि चिकित्सा-कार्याणि, जटिलाः गणनाः, उद्योगे च विविधाः गतिविधीन् कुर्वन्ति। शिक्षा-क्षेत्रे अपि एआई-माध्यमेन छात्राः वैयक्तिक-रूपेण पाठान् पठितुं शक्नुवन्ति। यद्यपि एषा तकनीकः मानवकल्याणाय अतीव उपकारिणी अस्ति, तथापि अस्य अत्यधिक-निर्भरतायाः कारणात् मानवाः आलस्यानुभवं कुर्वन्ति। अतः तकनीकस्य उपयोगः मानवस्य सहायकत्वेन भवेत्, न तु तस्य स्थानग्रहीतुम्।

                प्रश्नोत्तर (Questions)

                I. एकपदेन उत्तरत (Answer in one word)
                1. विज्ञानस्य क्षेत्रे कः नवीनः आविष्कारः अस्ति?
                2. एआई-माध्यमेन मानवाः किम अनुभवं कुर्वन्ति?
                II. पूर्णवाक्येन उत्तरत (Answer in full sentence)

                3. कृत्रिम-बुद्धिमत्ता कीदृशी प्रौद्योगिकी अस्ति?
                4. रोबोट-यन्त्राणि अद्य कानि कार्याणि कुर्वन्ति?

                III. भाषिक-कार्यम् / व्याकरण प्रश्न (Grammar Based Questions)

                5. गद्यांशे ‘आविष्कारः’ इति पदस्य विशेषणपदं किम्? (नवीनः / विज्ञानस्य)
                6. ‘आलस्यम्’ इति पदस्य विलोमपदं किम्? (उद्यमः / परिश्रमः / स्फूर्तिः)
                7. ‘पठितुम्’ इति पदे कः प्रत्ययः प्रयुक्तः? (तुमुन् / क्त्वा)

                उत्तरमाला (Answer Key)

                हिंदी अनुवाद (Hindi Translation)

                विज्ञान के क्षेत्र में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ (Artificial Intelligence) एक नया और आश्चर्यजनक आविष्कार है। यह एक ऐसी तकनीक है, जिससे कंप्यूटर और मशीनें इंसानों की तरह सोच सकती हैं और निर्णय ले सकती हैं। आज रोबोट चिकित्सा के कार्य, जटिल गणनाएँ और उद्योगों में विभिन्न गतिविधियाँ कर रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी एआई के माध्यम से छात्र व्यक्तिगत रूप से पाठ पढ़ सकते हैं। यद्यपि यह तकनीक मानव कल्याण के लिए बहुत उपयोगी है, फिर भी इस पर अत्यधिक निर्भरता के कारण मनुष्य आलस्य का अनुभव करते हैं। इसलिए तकनीक का उपयोग मानव के सहायक के रूप में होना चाहिए, न कि उसका स्थान लेने के लिए।

                अंग्रेजी अनुवाद (English Translation)

                In the field of science, ‘Artificial Intelligence’ (AI) is a new and astonishing invention. It is a technology through which computers and machines can think and make decisions like humans. Today, robots are performing medical tasks, complex calculations, and various activities in industries. In the education sector as well, students can learn lessons personally through AI. Although this technology is very helpful for human welfare, excessive dependence on it makes humans feel lazy. Therefore, technology should be used as an assistant to humans, not to replace them.

                सप्तमः अभ्यासः : जलवायु-परिवर्तनम् वैश्विक-उष्णता च (Climate Change & Global Warming)

                विषय: ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण (Global Warming and Environment)

                निर्देश: अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत-

                (नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए-)

                अद्य संपूर्णे विश्वे ‘जलवायु-परिवर्तनम्’ (Climate Change) एका महती समस्या वर्तते। अस्य मुख्यं कारणं ‘वैश्विक उष्णता’ (Global Warming) अस्ति। मानवीय-कार्याणाम्, यन्त्रशालानां (फैक्ट्रियों) धूमस्य, वृक्षाणां कर्तनस्य च कारणात् पृथिव्याः तापमानम् अहोरात्रं वर्धते। अनेन हिमनदाः (ग्लेशियर) वेगेन विगलन्ति, समुद्रजलस्य स्तरः च वर्धते। ऋतवः अपि अनिश्तिताः भवन्ति—कुत्रापि अतिवृष्टिः भवति, कुत्रापि च अनावृष्टिः (सूखा)। यदि वयं पृथिवीं रक्षितुम् इच्छामः, तर्हि अस्माभिः अत्यधिकं वृक्षारोपणं करणीयम्, प्रदूषणं च रोद्धव्यम्।

                प्रश्नोत्तर (Questions)

                I. एकपदेन उत्तरत (Answer in one word):

                1. अद्य संपूर्णे विश्वे का महती समस्या वर्तते?
                2. कस्याः कारणात् पृथिव्याः तापमानं वर्धते?

                II. पूर्णवाक्येन उत्तरत (Answer in full sentence):

                3. वैश्विक उष्णतायाः के दुष्परिणामाः दृश्यन्ते?
                4. पृथिवीं रक्षितुम् अस्माभिः किं करणीयम्?

                  III. भाषिक-कार्यम् / व्याकरण प्रश्न (Grammar Based Questions):

                  5. गद्यांशे ‘समस्या’ इति पदस्य विशेषणपदं किम्? (महती / वर्तते)
                  6. ‘अतिवृष्टिः’ इति पदस्य विलोमपदं गद्यांशे किम् अस्ति? (अनावृष्टिः / वृष्टिः)
                  7. ‘वर्धते’ इति क्रियापदं कस्य धातुना सम्बन्धितम्? (वृध् धातुः / वर्ध् धातुः)

                    उत्तरमाला (Answer Key)

                    हिंदी अनुवाद (Hindi Translation)

                    आज पूरे विश्व में ‘जलवायु परिवर्तन’ (Climate Change) एक बहुत बड़ी समस्या है। इसका मुख्य कारण ‘ग्लोबल वार्मिंग’ (जागतिक उष्णता) है। मानवीय गतिविधियों, फैक्ट्रियों के धुएं और पेड़ों की कटाई के कारण पृथ्वी का तापमान दिन-रात बढ़ रहा है। इससे ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं और समुद्र के पानी का स्तर बढ़ रहा है। ऋतुएँ भी अनिश्चित हो रही हैं—कहीं अत्यधिक वर्षा होती है, तो कहीं सूखा पड़ जाता है। यदि हम पृथ्वी की रक्षा करना चाहते हैं, तो हमें अत्यधिक वृक्षारोपण करना चाहिए और प्रदूषण को रोकना चाहिए।

                    अंग्रेजी अनुवाद (English Translation)

                    Today, ‘Climate Change’ is a major problem across the entire world. Its main cause is ‘Global Warming’. Due to human activities, smoke from factories, and cutting of trees, the temperature of the Earth is increasing day and night. Because of this, glaciers are melting rapidly and the sea level is rising. Seasons are also becoming unpredictable—there is heavy rainfall in some places and drought in others. If we want to protect the Earth, we must plant more trees and stop pollution.

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