Relations Names in Sanskrit संस्कृत में परिवार और सम्बन्धियों के नाम

हमारी भारतीय संस्कृति में परिवारों का एक विशेष महत्व है। हम अपने हर एक रिश्ते को एक खास नाम से पुकारते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि देवभाषा संस्कृत में इन रिश्तों को क्या कहते हैं? क्या आप जानते हैं कि माता-पिता, भाई-बहन, जेठ, साली या मामा-मामी को संस्कृत में क्या कहा जाता है? यदि आप यह जानने के लिए उत्सुक हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं। स्कूल के प्रोजेक्ट्स, परीक्षाओं या सामान्य ज्ञान के लिए अक्सर लोग इन नामों को इंटरनेट पर खोजते हैं। इसीलिए आज के इस लेख में हम आपके लिए परिवार और सम्बन्धियों के नाम (Relations Names in Sanskrit) की एक संपूर्ण सूची लेकर आए हैं।

पाठकों की सुविधा के लिए हमने इस लिस्ट को 3 अलग-अलग मोबाइल-फ्रेंडली तालिकाओं (Tables) में बाँटा है। यहाँ आपको हर सम्बन्ध का संस्कृत नाम, उसका हिंदी और सटीक अंग्रेज़ी अर्थ (English Meaning) मिलेगा। तो चलिए, बिना किसी देरी के देवभाषा संस्कृत के इन खूबसूरत शब्दों को जानते हैं।

1. निकटतम परिवार (Close Relations Names In Sanskrit/Immediate Family)

इस टेबल में माता-पिता, भाई-बहन और जीवनसाथी जैसे मुख्य रिश्ते शामिल हैं। ये करीबी परिवार के वे सम्बन्ध हैं,जो प्रायः एक घर में रहते हैं। ज़्यादातर छोटी कक्षाओं में इन सम्बन्धों के संस्कृत नामों की आवश्यकता अपठित या अनुवाद में पड़ती है। पत्र-लेखन में भी कभी-कभी इन सम्बन्धों के संस्कृत नाम आते हैं। यदि छात्र पहले से ही इस विषय में जानते हैं, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ जाता है।

रिश्ता (Relation) संस्कृत शब्द (Sanskrit) अंग्रेज़ी अर्थ (English)
माता माता / जननी / अम्बा Mother
पिता पिता / जनकः Father
पति पतिः / भर्ता / कान्तः Husband
पत्नी भार्या / पत्नी / कान्ता Wife
पुत्र पुत्रः / सुतः Son
पुत्री पुत्री / सुता / दुहिता Daughter
भाई भ्राता Brother
बहन भगिनी Sister
बड़ा भाई अग्रजः Elder Brother
बड़ी बहन अग्रजा Elder Sister
छोटा भाई अनुजः Younger Brother
छोटी बहन अनुजा Younger Sister

2. विस्तारित और पीढ़ीगत रिश्ते (Extended & Generational Relatives)

इस टेबल में दादा-दादी, नाना-नानी, चाचा-मामा, बुआ-मौसी और उनके बच्चों (भतीजा/भांजा) के रिश्ते शामिल हैं। ये हमारे रक्त-सम्बन्धी ही होते हैं, बस साथ नहीं रहते। पत्र-लेखन और अनुवाद में अक्सर इन रिश्तों के संस्कृत नामों की ज़रूरत पड़ती है। अनौपचारिक पत्र में कभी-कभी “मामा, चाचा, नाना, दादा आदि को पत्र लिखने को कहा जाता है। इसलिए इन रिश्तों के संस्कृत नाम भी पता होने चाहिए।

रिश्ता (Relation) संस्कृत शब्द (Sanskrit) अंग्रेज़ी अर्थ (English)
दादा पितामहः Grandfather (Paternal)
दादी पितामही Grandmother (Paternal)
नाना मातामहः Grandfather (Maternal)
नानी मातामही Grandmother (Maternal)
पोता पौत्रः Grandson (Son’s son)
पोती पौत्री Granddaughter (Son’s daughter)
नाती दौहित्रः Grandson (Daughter’s son)
नतिनी दौहित्री Granddaughter (Daughter’s daughter)
ताऊ ज्येष्ठ पितृव्यः Elder Paternal Uncle
चाचा पितृव्यः Paternal Uncle
चाची पितृव्या Paternal Aunt
बुआ पितृस्वसा / पितृष्वसा Paternal Aunt (Father’s sister)
फूफा पितृष्वसृपतिः Paternal Uncle (Father’s sister’s husband)
मामा मातुलः Maternal Uncle
मामी मातुलानी Maternal Aunt
मौसी मातृस्वसा Maternal Aunt (Mother’s sister)
मौसा मातृस्वसृपतिः Maternal Uncle (Mother’s sister’s husband)
भतीजा भ्रातृव्यः / भ्रातृजः Nephew (Brother’s son)
भतीजी भ्रातृव्या / भ्रातृजा Niece (Brother’s daughter)
भांजा भागिनेयः Nephew (Sister’s son)
भांजी भागिनेयी Niece (Sister’s daughter)

3. ससुराल पक्ष के रिश्ते (In-laws & Marital Relations Names in Sanskrit)

इस टेबल में सास, ससुर, साला, भाभी, देवर, ननद और दामाद/बहू जैसे विवाह के बाद बनने वाले रिश्ते शामिल हैं। परीक्षाओं में इन रिश्तों के संस्कृत नामों की अधिक आवश्यकता नहीं होती, लेकिन सामान्य ज्ञान के लिए इस लिस्ट को भी एक बार देख लेना चाहिए।

रिश्ता (Relation) संस्कृत शब्द (Sanskrit) अंग्रेज़ी अर्थ (English)
सास श्वश्रूः Mother-in-law
ससुर श्वसुरः Father-in-law
भाई की पत्नी (भाभी) भ्रातृजाया Sister-in-law (Brother’s wife)
पत्नी का भाई (साला) श्यालः Brother-in-law (Wife’s brother)
पत्नी की बहन (साली) श्यालिका Sister-in-law (Wife’s sister)
पति का बड़ा भाई (जेठ) ज्येष्ठः Brother-in-law (Husband’s elder brother)
देवर देवरः Brother-in-law (Husband’s younger brother)
ननद ननान्दा Sister-in-law (Husband’s sister)
बहू स्नुषा / वधू Daughter-in-law
जमाई (दामाद) जामातः Son-in-law

तो ये थीं परिवारजनों और सम्बन्धियों के संस्कृत नामों को बताने वाली टेबल्स। आशा है आपको इनसे काफी जानकारी मिल गई होगी। यदि आपको संस्कृत में पशु-पक्षी- फल-फूल आदि के नाम जानने हों तो हमारी शब्दभण्डार की श्रेणी को अवश्य देखें। यहाँ एक लिंक दिया गया है, उसे क्लिक करके आप संस्कृत में अंगों के नाम जान सकते हैं।

Body Parts in Sanskrit with Hindi & English Meaning संस्कृत में शरीर-अंगों के नाम

FAQs संस्कृत में रिश्तों के नाम के सम्बन्ध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: संस्कृत में रिश्तेदारों को क्या कहते हैं?

उत्तर: संस्कृत भाषा में रिश्तेदारों या संबंधियों को ‘बन्धुः’, ‘बान्धवः’ या ‘सम्बन्धी’ कहा जाता है।

प्रश्न 2: साली और साला को संस्कृत में क्या कहा जाता है?

उत्तर: पत्नी की बहन यानी साली को संस्कृत में ‘श्यालिका’ और पत्नी के भाई यानी साले को ‘श्यालः’ कहते हैं।

प्रश्न 3: पति के बड़े भाई (जेठ) का संस्कृत नाम क्या है?

उत्तर: पति के बड़े भाई यानी जेठ को संस्कृत में ‘ज्येष्ठः’ कहा जाता है। वहीं पति के छोटे भाई (देवर) को ‘देवरः’ कहते हैं।

प्रश्न 4: नाती और नतिनी को संस्कृत में क्या कहते हैं?

उत्तर: बेटी के बेटे (नाती) को संस्कृत में ‘दौहित्रः’ कहते हैं। बेटी की बेटी (नतिनी) को संस्कृत में ‘दौहित्री’ कहा जाता है।

प्रश्न 5: संस्कृत में सौतेली माँ को क्या कहा जाता है?

उत्तर: संस्कृत व्याकरण में सौतेली माँ के लिए ‘विमाता’ या ‘विमातृ’ शब्द का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 6: संस्कृत में ‘भतीजा’ और ‘भांजा’ को क्या कहते हैं?

उत्तर: भाई के बेटे (भतीजा) को संस्कृत में ‘भ्रातृव्यः’ या ‘भ्रातृजः’ कहा जाता है, जबकि बहन के बेटे (भांजा) को ‘भागिनेयः’ कहते हैं।

प्रश्न 7: क्या संस्कृत में बड़े और छोटे भाई-बहन के लिए अलग शब्द हैं?

उत्तर: हाँ, संस्कृत में बड़े भाई को ‘अग्रजः’ और बड़ी बहन को ‘अग्रजा’ कहा जाता है। वहीं, छोटे भाई को ‘अनुजः’ और छोटी बहन को ‘अनुजा’ कहते हैं।

Class 6,7,8 exercise related to Family members and relations name परिवार और सम्बन्धियों के नाम से सम्बंधित अभ्यास कक्षा 6,7 और 8 के लिए

प्रश्न. मञ्जूषातः उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत (नीचे दिए गए बॉक्स से सही शब्द चुनकर रिक्त स्थान भरिए):

[ अग्रजः  |  अनुजा  |  भ्राता  |  स्वसा  |  पितामही ]

१. मम पितामही (दादी) च मम पितुः (पिता की) ………… अस्ति।

२. यः मम अग्रतः (मुझसे पहले/बड़ा) जन्म अलभत, सः मम ………… कथ्यते।

३. मम माता-पितरौ यं पुत्रं जनयतः, सः मम ………… भवति।

४. या मम पश्चात् (मेरे बाद/छोटी) जन्म अलभत, सा मम ………… अस्ति।

५. मम जनकस्य (पिता की) भगिनी मम ………… (बुआ) भवति।

→ रिक्त स्थान के उत्तर देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

सही उत्तर:

१. माता (पिता की माता को पितामही कहते हैं)
२. अग्रजः (बड़ा भाई)
३. भ्राता (भाई)
४. अनुजा (छोटी बहन)
५. स्वसा (संस्कृत में बहन/बुआ के संदर्भ में पितृष्वसा या स्वसा का प्रयोग होता है)

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