Sanskrit Samvad Purti Class 7 Worksheets with answers संस्कृत भाषा में संवाद पूर्ति अभ्यास मञ्जूषा व उत्तर सहित (Dialogue Completion in Sanskrit with English)

Table of Contents

संस्कृत संवाद पूर्ति (Sanskrit Samvad Purti Class 7) विषय परिचय

Sanskrit Samvad Purti Class 7 (संस्कृत भाषा में संवाद पूर्ति कक्षा 7) के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। यह परीक्षा में पूरे अंक दिलाने वाला खंड है। कक्षा 7 के पाठ्यक्रम में इसे शामिल करने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को परखना है। इसके साथ ही यह छात्रों की व्याकरण की समझ को भी मजबूत करता है।

इस विषय के अंतर्गत किसी बातचीत के बीच में कुछ रिक्त स्थान (खाली जगह) दिए जाते हैं। विद्यार्थियों को मंजूषा (Help Box) से सही शब्द चुनकर इन स्थानों को भरना होता है। यदि आप परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो Sanskrit Samvad Purti Class 7 का यह अभ्यास आपके शब्दकोश को काफी मजबूत करेगा। इससे छात्रों को दैनिक जीवन में संस्कृत में बातचीत करने का व्यावहारिक ज्ञान मिलता है। छात्र उचित शब्द-रूपों और क्रिया-पदों का सही तालमेल बिठाकर पूरे अंक प्राप्त कर सकते हैं।

संस्कृत संवाद पूर्ति को हल करना बहुत आसान है। इसके उत्तर पहले से ही मञ्जूषा में दिए होते हैं। आप कुछ आसान ट्रिक्स और नियमों की मदद से परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक ला सकते हैं। इस लेख में Sanskrit Samvad Purti Class 7 के लिए कुछ बेहद जरूरी नियम और चार महत्त्वपूर्ण अभ्यास कार्य दिए गए हैं।

Introductioan: Class 7 Sanskrit Dialogue Completion

  • Core Purpose: Dialogue completion is a highly scoring and essential topic in the Sanskrit Samvad Purti Class 7 curriculum. It aims to test students’ creative skills and grammatical understanding.
  • Format: Students are given a conversation with missing blanks. They must fill these blanks using the correct words provided in the Manjusha (Help Box).
  • Benefits: Practising Sanskrit Samvad Purti Class 7 enhances vocabulary and provides practical knowledge for daily conversation. Students can score full marks by matching word forms (shabd-roop) and verbs (kriya-pad) accurately.
  • Easy to Score: Since the answers are already present in the help box, the task is simple. Students can easily secure 100% marks by following a few basic rules, tips, and exercises.

Sanskrit Samvad Purti Class 7 Rules : संवाद पूर्ति के नियम

पूरे संवाद को एक बार ध्यान से पढ़ें (Read the Dialogue First)

खाली स्थान भरने से पहले, पूरे संवाद को ऊपर से नीचे तक एक बार जरूर पढ़ें। इससे आपको समझ आ जाएगा कि बातचीत किस विषय पर हो रही है (जैसे: दो मित्रों के बीच, गुरु-शिष्य के बीच, या बाजार के बारे में)। पूरे संवाद को एक बार पूरा पढ़ना उसे सही भरने के लिए ज़रूरी होता है।

मञ्जूषा के शब्दों का अर्थ समझें (Try to Understand Meaning of the Words Given in Help Box)

मञ्जूषा में दिए गए शब्दों को पढ़ें और उनका हिंदी अर्थ मन में सोचें।

उदाहरण के लिए: यदि शब्द हैं – ‘कुत्र’ (कहाँ), ‘गच्छामि’ (जा रहा हूँ), ‘अद्य’ (आज), तो इनका अर्थ समझने से सही जगह चुनना आसान हो जाता है।

प्रश्न और उत्तर का संबंध पहचानें (Try to Find Out the Relation Between Question and Answer)

संवाद में अक्सर एक पंक्ति में प्रश्न होता है और अगली पंक्ति में उसका उत्तर। यदि प्रश्न में-

‘कुत्र’ (कहाँ) पूछा है, तो रिक्त स्थान में किसी स्थान (Place) का नाम आएगा (जैसे: विद्यालयम्, आपणम्)।

‘कदा’ (कब) पूछा है, तो रिक्त स्थान में समय या दिन आएगा (जैसे: प्रातः, सायं, अद्य)।

‘किम्’ (क्या) है, तो वहाँ किसी वस्तु या कार्य का नाम आएगा। (जैसे – किम् करोषि? का उत्तर पठति, गच्छति)।

कर्ता और क्रिया का तालमेल (Subject-Verb Agreement)

यह सबसे महत्वपूर्ण व्याकरण नियम है। वाक्य के कर्ता (Subject) के अनुसार ही क्रिया (Verb) का चुनाव करें। उदहारण के लिए– यदि वाक्य में–

‘अहम्’ (मैं) है, तो क्रिया हमेशा ‘मि’ पर खत्म होगी (जैसे: गच्छामि, पठिष्यामि)।

‘त्वम्’ (तुम) है, तो क्रिया हमेशा ‘सि’ या ‘षि’ पर खत्म होगी (जैसे: गच्छसि, पठसि)।

-यदि वाक्य में कोई नाम या ‘सः/सा’ (वह) है, तो क्रिया ‘ति’ पर खत्म होगी (जैसे: गच्छति, पठति)।

एलिमिनेशन मेथड (Elimination Method) अपनाएं

एलिमिनेशन मेथड का अर्थ होता है- एक एक करके निकालते जाना। इसके अनुसार जो रिक्त स्थान (खाली जगह) आपको सबसे आसान और पक्के लग रहे हैं, उन्हें पहले भर लें। इसके बाद मञ्जूषा में से उन शब्दों को काट दें। बचे हुए कठिन रिक्त स्थानों के लिए अब आपके पास कम विकल्प बचेंगे, जिससे गलती होने की संभावना बहुत कम हो जाएगी।

Sanskrit Samvad Purti Class 7 Practice Worksheets अभ्यास कार्य

प्रथमः संवादःद्वयोः मित्रयोः सम्भाषणम् (दो मित्रों की बातचीत)( Dialogue Between Two Friends)

विषय: विद्यालय और पढ़ाई के विषय में बातचीत।

मञ्जूषा (Options)

[ पठामि, गच्छसि, कुशलम्, क्रीडाङ्गणे, अनुजः ]

संवाद लेखनम् (Dialogue with Sanskrit, Hindi, and English)

रमेशः – हे सुरेश! त्वं कुत्र (१) _ _ _ _ ?
(हिंदी: हे सुरेश! तुम कहाँ जा रहे हो?)
(English: Hey Suresh! Where are you going?)

सुरेशः – रमेश! अहं विद्यालयं गच्छामि।
(हिंदी: रमेश! मैं विद्यालय जा रहा हूँ।)
(English: Ramesh! I am going to school.)

रमेशः – तव अनुजः कुत्र अस्ति?
(हिंदी: तुम्हारा छोटा भाई कहाँ है?)
(English: Where is your younger brother?)

सुरेशः – मम (२) _ _ _ _ तु गृहे एव अस्ति।
(हिंदी: मेरा छोटा भाई तो घर पर ही है।)
(English: My younger brother is at home only.)

रमेशः – त्वं विद्यालये किं करोषि?
(हिंदी: तुम विद्यालय में क्या करते हो?)
(English: What do you do at school?)

सुरेशः – अहं विद्यालये उत्साहेन (३) _ _ _ _ ।
(हिंदी: मैं विद्यालय में उत्साह से पढ़ता हूँ।)
(English: I study with enthusiasm at school.)

रमेशः – भवान् कदा क्रीडति?
(हिंदी: आप कब खेलते हैं?)
(English: When do you play?)

सुरेशः – अहं सायंकाले विद्यालयस्य (४) _ _ _ _ क्रीडामि।
(हिंदी: मैं शाम को विद्यालय के खेल के मैदान में खेलता हूँ।)
(English: I play in the school playground in the evening.)

रमेशः – शोभनम्! तव गृहे सर्वं (५) _ _ _ _ अस्ति वा?
(हिंदी: अच्छा! तुम्हारे घर में सब कुशल-मंगल है ना?)
(English: Wonderful! Is everything well at your home?)

सुरेशः – आम्, मम गृहे सर्वं कुशलम् अस्ति।
(हिंदी: हाँ, मेरे घर में सब कुशल है।)
(English: Yes, everything is well at my home.)

उत्तर कुंजी (Answer Key)

  1. गच्छसि (Gachhasi) → Are going / जा रहे हो
  2. अनुजः (Anujah) → Younger brother / छोटा भाई
  3. पठामि (Pathami) → Study / पढ़ता हूँ
  4. क्रीडाङ्गणे (Kreedangane) → In the playground / खेल के मैदान में
  5. कुशलम् (Kushalam) → Well / Fine / कुशल-मंगल

(आवश्यक टिप्पणी– छात्र कृपया इस बात पर ध्यान दें कि संवाद अक्सर प्रश्न और उत्तर में होते हैं। कोई एक व्यक्ति प्रश्न पूछता है, दूसरा उत्तर देता है। यदि आप ध्यान से देखेंगे तो प्रश्न में दिए गए रिक्त स्थान का हल छिपा होता है। उदाहरण के लिए ऊपर दिए गए संवाद में रमेश पूछता है “हे सुरेश! त्वं कुत्र गच्छसि?” सुरेश उत्तर देता है, “रमेश! अहं विद्यालयं गच्छामि।” इससे आपको पता चल जाता है कि ऊपर वाले वाक्य के खाली स्थान में गच्छसि भरा जाएगा। इस प्रकार बातचीत में ही रिक्त स्थानों में भरे जाने वाले शब्दों के हिंट मिल जाते हैं।)

द्वितीयः संवादः – शिक्षक-छात्रयोः सम्भाषणम् (शिक्षक और छात्र की बातचीत) (DIalogue between Teacher and Student)

विषय: गृहकार्य (Homework) के विषय में बातचीत।

मञ्जूषा (Options)

[ आगच्छ, कृतवान्, रुग्णः, क्षमस्व, पुस्तिकाम् ]

संवाद लेखनम् (Dialogue with Sanskrit, Hindi, and English)

शिक्षकः – रमेश! अत्र (१) _ _ _ _। तव गृहकार्यं कुत्र अस्ति?
(हिंदी: रमेश! यहाँ आओ। तुम्हारा गृहकार्य कहाँ है?)
(English: Ramesh! Come here. Where is your homework?)

रमेशः – आचार्य! (२) _ _ _ _, अहम् अद्य गृहकार्यं न अकरवम्।
(हिंदी: आचार्य! क्षमा करें, मैंने आज गृहकार्य नहीं किया।)
(English: Teacher! Please forgive me, I did not do my homework today.)

शिक्षकः – किमर्थं न (३) _ _ _ _ ? किं कारणम् अस्ति?
(हिंदी: क्यों नहीं किया? क्या कारण है?)
(English: Why didn’t you do it? What is the reason?)

रमेशः – महोदय! ह्यः अहं (४) _ _ _ _आसम्। अतः न अलिखम्।
(हिंदी: महोदय! कल मैं बीमार था। इसलिए नहीं लिखा।)
(English: Sir! Yesterday I was sick. Therefore, I did not write.)

शिक्षकः – अस्तु, अधुना तव स्वास्थ्यं कथम् अस्ति?
(हिंदी: ठीक है, अब तुम्हारा स्वास्थ्य कैसा है?)
(English: Okay, how is your health now?)

रमेशः – आम् आचार्य! अधुना अहं स्वस्थः अस्मि।
(हिंदी: हाँ आचार्य! अब मैं स्वस्थ हूँ।)
(English: Yes Teacher! Now I am healthy.)

शिक्षकः – शोभनम्, श्वः गृहकार्यं कृत्वा (५) _ _ _ _ दर्शय।
(हिंदी: अच्छा, कल गृहकार्य करके पुस्तिका (Copy) दिखाना।)
(English: Good, do your homework tomorrow and show me your notebook.)

रमेशः – धन्यवादः आचार्य! अहं श्वः अवश्यम् आनेष्यामि।
(हिंदी: धन्यवाद आचार्य! मैं कल अवश्य लाऊँगा।)
(English: Thank you Teacher! I will definitely bring it tomorrow.)

उत्तर कुंजी (Answer Key)

  1. आगच्छ (Aagachha) → Come / आओ
  2. क्षमस्व (Kshamasva) → Forgive / Excuse me / क्षमा करें
  3. कृतवान् (Kritavaan) → Did / किया
  4. रुग्णः (Rugnah) → Sick / Ill / बीमार
  5. पुस्तिकाम् (Pustikaam) → Notebook / Copy / पुस्तिका को

तृतीयः संवादः – मातुः पुत्रस्य च सम्भाषणम् (माता और पुत्र की बातचीत) Dialogue between Mother and Son

विषय: भोजन और स्वास्थ्य के विषय में बातचीत।

मञ्जूषा (Options)

[ बुभुक्षितः, दुग्धम्, खादामि, पचति, भोजनम् ]

संवाद लेखनम् (Dialogue with Sanskrit, Hindi, and English)

पुत्रः (मोहनः): मात! मह्यं शीघ्रं भोजनं यच्छ। अहम् अतीव (१) _ _ _ _ अस्मि।
(हिंदी: माता! मुझे जल्दी भोजन दो। मैं बहुत भूखा हूँ।)
(English: Mother! Give me food quickly. I am very hungry.)

माता: मोहन! शान्तः भव। अहम् इदानीम् एव स्वादिष्टं (२) _ _ _ _ आनयामि।
(हिंदी: मोहन! शांत हो जाओ। मैं अभी स्वादिष्ट भोजन लाती हूँ।)
(English: Mohan! Calm down. I am bringing delicious food right now.)

पुत्रः (मोहनः): अद्य पाकशालायां माता किं (३) _ _ _ _ ?
(हिंदी: आज रसोई में माता क्या पका रही हैं?)
(English: What is mother cooking in the kitchen today?)

माता: अद्य अहं शाकं रोटिकां च पचामि।
(हिंदी: आज मैं साग और रोटी पका रही हूँ।)
(English: Today I am cooking green vegitable and roti.)

पुत्रः (मोहनः): अहो! शाकं मम अतीव प्रियम् अस्ति। अहम् आनन्देन (४) _ _ _ _
(हिंदी: वाह! साग मुझे बहुत पसंद है। मैं मजे से खाऊँगा।)
(English: Wow! Green vegitable is my favorite. I will eat it with joy.)

माता: शोभनम्, किन्तु भोजनस्य पश्चात् उष्णं (५)_ _ _ _ अपि पिब।
(हिंदी: अच्छा, किन्तु भोजन के बाद गर्म दूध भी पीना।)
(English: Good, but for good health, drink warm milk after the meal too.)

पुत्रः (मोहनः): आम् माता! अवश्यं पास्यामि।
(हिंदी: हाँ माता! अवश्य पीऊँगा।)
(English: Yes mother! I will definitely drink it.)

उत्तर कुंजी (Answer Key)

  1. बुभुक्षितः (Bubhukshitah) → Hungry / भूखा
  2. भोजनम् (Bhojanam) → Food / भोजन
  3. पचति (Pachati) → Is cooking / पका रही हैं
  4. खादामि (Khaadaami) → Eat / खाता हूँ (or will eat, in this context)
  5. दुग्धम् (Dugdham) → Milk / दूध

चतुर्थः संवादः – फलविक्रेतुः ग्राहकस्य च सम्भाषणम् (फलवाले और ग्राहक की बातचीत) (Dialogue between Fruit Seller and Customer)

विषय: बाज़ार में फल खरीदने के विषय में बातचीत।

मञ्जूषा (Options) एवं उनके अर्थ (Meanings)

मूल्यम् – दाम / कीमत (Price)

क्रेतुम् – खरीदने के लिए (To buy)

मधुराणि – मीठे (Sweet)

आपणम् – बाज़ार / दुकान (Market / Shop)

रूप्यकाणि – रुपये (Rupees)

संवाद लेखनम् (Dialogue with Sanskrit, Hindi, and English)

राकेशः (ग्राहकः) हे रमेश! त्वं सायंकाले कुत्र गच्छसि?
(हिंदी: हे रमेश! तुम शाम को कहाँ जा रहे हो?)
(English: Hey Ramesh! Where are you going this evening?)

रमेशः राकेश! अहं फलानि (१) _ _ _ _ आपणं गच्छामि।
(हिंदी: राकेश! मैं फल खरीदने के लिए बाज़ार जा रहा हूँ।)
(English: Rakesh! I am going to the market to buy fruits.)

राकेशः शोभनम्! अहम् अपि चलिष्यामि। (उभौ आपणं गच्छतः)
(हिंदी: अच्छा! मैं भी चलूँगा। दोनों बाज़ार जाते हैं।)
(English: Great! I will also come along. Both of them go to the market.)

रमेशः (विक्रेतारं प्रति) भो फलविक्रेतः! एतानि आम्रफलानि कीदृशानि सन्ति?
(हिंदी: हे फलवाले! ये आम के फल कैसे हैं?)
(English: O fruit seller! How are these mangoes?)

फलविक्रेता महोदय! एतानि सर्वाणि फलानि अतीव (२) _ _ _ _ सन्ति।
(हिंदी: महोदय! ये सभी फल बहुत मीठे हैं।)
(English: Sir! All these fruits are very sweet and fresh.)

रमेशः एककिलोपरिमित-आम्रफलानां किं (३) _ _ _ _ अस्ति?
(हिंदी: एक किलो आम का क्या दाम है?)
(English: What is the price of one kilogram of mangoes?)

फलविक्रेता एककिलोपरिमित-आम्रफलानां मूल्यं पञ्चाशत् (४) _ _ _ _ अस्ति।
(हिंदी: एक किलो आम का मूल्य पचास रुपये है।)
(English: The price of one kilogram of mangoes is fifty rupees.)

रमेशः अस्तु, (५) _ _ _ _ द्विकिलोपरिमित-आम्रफलानि यच्छ।
(हिंदी: ठीक है, मुझे दो किलो आम दे दो।)
(English: Okay, give me two kilograms of mangoes.)

(विशेष टिप्पणी- संस्कृत में तौल के लिए “परिमितम्” शब्द का प्रयोग किया जाता है।)

उत्तर कुंजी (Answer Key)

  1. क्रेतुम् (Kretum) → To buy / खरीदने के लिए
  2. मधुराणि (Madhuraani) → Sweet / मीठे
  3. मूल्यम् (Mulyam) → Price / Cost / दाम
  4. रूप्यकाणि (Rupyakaani) → Rupees / रुपये
  5. मह्यं (Mahyam) → For me / मुझे या मेरे लिए  

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कक्षा 7 के चित्र वर्णन के लिए नीचे क्लिक करें।

संस्कृत चित्र-वर्णन कक्षा 6 एवं 7 Sanskrit Chitra Varnan

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