
क्या आप संस्कृत में शरीर के अंगों के नाम ढूंढ रहे हैं? चाहे आप स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट हों, संस्कृत के शोधकर्ता हों, या बस अपनी भाषा का ज्ञान बढ़ाना चाहते हों, यह पोस्ट आपके लिए बहुत मददगार साबित होगी। इस लेख में हम अंगों के नाम यानी Body Parts in Sanskrit (Sanskrit mein Angon ke Naam) को बेहद आसान तरीके से सीखेंगे। आपकी सुविधा के लिए हमने पूरी शब्दावली (Vocabulary List) को हिन्दी, संस्कृत और अंग्रेज़ी (English) अर्थ के साथ अलग-अलग तालिकाओं (Tables) में बाँटा है, ताकि आप इन्हें आसानी से समझ और याद रख सकें।
हमने यहाँ कोशिश की है कि हम ज़्यादा से ज़्यादा शरीर के अंगों के संस्कृत नाम समेट सकें। ये तालिकाएँ अलग-अलग शिक्षा बोर्ड्स के जूनियर के छात्रों के साथ उच्चशिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए भी उपयोगी हैं।
Body Parts in Sanskrit Table-1 संस्कृत में शरीर-अंगों के नाम तालिका-1
इस पहली टेबल में हम head and face से जुड़े body parts in Sanskrit के बारे में जानेंगे। यहाँ आपको आँख, नाक, बाल और दाँत जैसे रोज़मर्रा के ज़रूरी अंगों के नाम हिन्दी और अंग्रेज़ी अर्थ के साथ मिलेंगे, जिन्हें याद रखना बेहद आसान है।
1. सिर और चेहरे के अंग (Head & Face Parts)
संस्कृत में शरीर के अंगों के नाम तालिका-2 Body Parts in Sanskrit Table-2
इस दूसरे सेक्शन में हमने torso, arms और legs को कवर किया है। यहाँ दी गई तालिका की मदद से आप कंधे, छाती, हाथ और पैर जैसे शरीर के बाहरी ढाँचे (structural parts) के नाम तीनों भाषाओं में आसानी से सीख सकते हैं।
2. धड़ और हाथ-पैर (Torso & Limbs)
Sanskrit mein Sharir ke Angon ke Naam Table-3 Body Parts in Sanskrit संस्कृत में शरीर-अंगों के नाम तालिका-3
इस आख़िरी सेक्शन में हम शरीर के internal organs और कुछ अन्य ज़रूरी तत्वों के बारे में जानेंगे। इस टेबल में हृदय, हड्डी और खून जैसे महत्वपूर्ण body parts in Sanskrit को शामिल किया गया है, जो आपकी संस्कृत वोकैबुलरी को पूरा करने में मदद करेगा।
3. आंतरिक अंग और अन्य (Internal Organs & Others)
अन्ततः
यह थी संस्कृत में शरीर के अंगों की एक कम्प्लीट लिस्ट। हमें उम्मीद है कि इस पोस्ट की मदद से आपको सभी महत्वपूर्ण Body Parts in Sanskrit के नाम हिन्दी और अंग्रेज़ी में आसानी से समझ आ गए होंगे। इन मोबाइल-फ्रेंडली टेबल्स को आप अपने पास सेव करके रख सकते हैं ताकि जब भी ज़रूरत हो, आप झटपट रिवीज़न (revision) कर सकें। अगर आपको हमारी यह कोशिश पसंद आई हो और इससे आपके ज्ञान में थोड़ी भी मदद मिली हो, तो इस पोस्ट को अपने फ्रेंड्स और क्लासमेट्स के साथ सोशल मीडिया पर ज़रूर शेयर करें। अगर आपके पास कोई सुझाव है या आप किसी और अंग का संस्कृत नाम जानना चाहते हैं, तो नीचे कमेंट बॉक्स (Comment Box) में लिखकर हमें ज़रूर बताएं।
FAQ: संस्कृत में शरीर के अंगों से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Ans: संस्कृत में हाथ को मुख्य रूप से हस्तः, करः, या पाणिः कहा जाता है। हथेली के लिए करतलम् शब्द का प्रयोग होता है।
Ans: आँख को संस्कृत में नेत्रम् कहते हैं। इसके अन्य लोकप्रिय पर्यायवाची शब्द लोचनम्, चक्षुः, और नयनम् हैं।
Ans: हृदय (Heart) को संस्कृत में हृदयम् कहा जाता है और दिमाग (Brain) को संस्कृत में मस्तिष्कम् कहते हैं।
Ans: रीढ़ की हड्डी (Spine) को संस्कृत में मेरुदण्डः कहा जाता है और पेट (Stomach) को संस्कृत में उदरम् कहते हैं।
Ans: हाँ, बिल्कुल! आँख (नेत्रम्), कान (कर्णः), हड्डी (अस्थि) और खून (रक्तम्) जैसे शारीरिक अंग इंसानों और जानवरों दोनों में समान होते हैं, इसलिए इन संस्कृत शब्दों का प्रयोग सामान्य रूप से सभी जीवों के शारीरिक अंगों के लिए किया जा सकता है।
CBSE Class 6 to 8: संस्कृत में शरीर के अंगों के नाम – अभ्यास कार्य (Worksheet)
छात्रों, अपने ज्ञान को परखने के लिए नीचे दिए गए बहुविकल्पीय और रिक्त स्थान वाले प्रश्नों को हल करें।
प्रश्न 1. उचितं विकल्पं चित्वा उत्तरत (सही विकल्प चुनकर उत्तर दीजिए):
१. ‘नयनम्’ शब्द का सही अर्थ क्या है?
(क) कान (ख) आँख (ग) नाक
२. संस्कृत में ‘हाथ’ (Hand) को क्या कहा जाता है?
(क) हस्तः (ख) पादः (ग) कपोलः
३. ‘ललाटम्’ शरीर के किस अंग को दर्शाता है?
(क) गाल (ख) माथा (ग) गर्दन
→ भाग 1 (MCQs) के उत्तर देखने के लिए यहाँ क्लिक करें
सही उत्तर:
१. (ख) आँख (नयनम्/लोचनम् का अर्थ आँख होता है)
२. (क) हस्तः (हाथ को हस्तः या करः कहते हैं, पादः का अर्थ पैर होता है)
३. (ख) माथा (Forehead को संस्कृत में ललाटम् कहते हैं)
प्रश्न 2. मञ्जूषातः उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत (बॉक्स से सही शब्द चुनकर रिक्त स्थान भरिए):
१. वयम् ………… (दो कानों से) शृणुमः (सुनते हैं)।
२. गजः (हाथी) ………… चलति (पैरों से चलता है)।
३. वयम् ………… (नाक से) जिघ्रामः (सूंघते हैं)।
४. मुखस्य अन्तः भोजनं चर्वणाय ………… (दांत) भवन्ति।
→ भाग 2 (रिक्त स्थान) के उत्तर देखने के लिए यहाँ क्लिक करें
सही उत्तर:
१. कर्णौ (हम दो कानों से सुनते हैं)
२. पादाभ्याम् (पैरों के द्वारा चलते हैं)
३. नासिकया (नाक के द्वारा सूंघते हैं)
४. दन्ताः (भोजन चबाने के लिए मुख में दांत होते हैं)
यदि आपको संस्कृत में फलों-फूलों, पशु-पक्षियों आदि के नाम जानने हों तो हमारी शब्द भण्डार श्रेणी पर जाएँ।