संस्कृत में पत्र लेखन (Sanskrit Letter Writing Class 6 And 7) परीक्षा का एक ऐसा भाग है, जिसमें थोड़ी सी समझदारी दिखाकर पूरे अंक (Full Marks) प्राप्त किए जा सकते हैं। कक्षा 6 और 7 के स्तर पर परीक्षाओं में अक्सर मंजूषा (Help box) के साथ रिक्त स्थान भरने वाला पत्र आता है। पत्र के अंत या आरम्भ में एक मञ्जूषा (Help Box) होता है। इस बॉक्स में दिए गए शब्दों की सहायता से छात्रों को पत्र में दी गई खाली जगहें भरनी होती हैं।
Sanskrit Letter Writing Class 6 and 7 is part of the exam, where full marks can be obtained by showing a little understanding. In exams at the Class 6 and 7 levels, letter writing is asked with fill-in-the-blanks. There is a Manjusha at the end or beginning of the letter. With the help of the words given in this box, students have to fill in the blanks given in the letter.
परीक्षा में दो प्रकार के पत्र पूछे जाते हैं- औपचारिक पत्र एवं अनौपचारिक पत्र। पत्र लिखते समय बच्चों को निम्नलिखित मुख्य बातों और सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए। Two type of letters are asked in exams in Sanskrit Letter Writing Class 6 and 7– Formal Letter and Informal Letter. Students need to remember some key point while filling the blanks in letters.
१. पत्र लेखन में ध्यान देने योग्य महत्वपूर्ण बातें (Key Points to Remember in Sanskrit Letter Writing Class 6 and 7)
सम्बोधन और अभिवादन का सही तालमेल:
औपचारिक पत्र (Formal Letter): इसमें प्रधानाचार्य या अधिकारियों के लिए आदरसूचक शब्दों जैसे ‘सेवायां’, ‘महोदय’ या ‘प्रधानाचार्यमहोदयाः‘ का प्रयोग करें।
अनौपचारिक पत्र (Informal Letter): बड़ों (माता-पिता/दादा-दादी) के लिए ‘पूजनीयाः’ / ‘सादरं प्रणामाः’ का प्रयोग करें। इसी प्रकार मित्रों या छोटों के लिए ‘प्रिय मित्र’ / ‘सस्नेहं नमस्ते’ का प्रयोग करें।
मञ्जूषा (Help Box) का सावधानीपूर्वक अध्ययन:
पत्र में स्थित खाली जगह (रिक्त स्थान) में भरने के लिए एक बॉक्स दिया होता है। इसे संस्कृत में मञ्जूषा (Options/Help Box)कहा जाता है। इसमें वे शब्द दिए जाते हैं, जो खाली जगहों में भरने होते हैं। इसलिए पहले मंजूषा में दिए गए सभी शब्दों को २-३ बार ध्यान से पढ़ें। इसके बाद उनका हिंदी या अंग्रेजी अर्थ समझने की कोशिश करें।
वाक्य के अर्थ और संदर्भ को समझना:
पत्र-लेखन के प्रश्न में यह लिखा होता है कि पत्र किसे और क्यों लिखना है। उसे ध्यान से पढ़ें। पत्र में स्थित वाक्य में रिक्त स्थान है, उस पूरी पंक्ति का हिंदी अर्थ निकालें। इससे यह तुरंत समझ आ जाता है कि वहाँ कौन सा शब्द सटीक बैठेगा। मञ्जूषा से वही शब्द चुनकर लिखें, जो वाक्य के अर्थ से मेल खाता हो।
पत्र का अंत (Subscription):
औपचारिक पत्र के अंत में ‘भवतां आज्ञाकारी शिष्यः’ (छात्र के लिए) या ‘भवत्याः आज्ञाकारिणी शिष्या’ (छात्रा के लिए) लिखा जाता है।
अनौपचारिक पत्र में ‘तव प्रियं मित्रम्’ या ‘भवतः पुत्रः/पुत्री’ का प्रयोग होता है।
२. पत्र लिखते समय सावधानियाँ (Precautions to Take)
लिंग और वचन की गलती से बचें
मंजूषा से शब्द चुनते समय ध्यान दें कि यदि पत्र लिखने वाला लड़का है तो ‘शिष्यः/पुत्रः’ लिखा जाएगा। यदि पत्र कोई लड़की लिखती है, तो ‘शिष्या/पुत्री’ का चयन करें।
कर्ता और क्रिया का ध्यान
यदि वाक्य का कर्ता (Subject) एकवचन है, तो रिक्त स्थान में आने वाली क्रिया (Verb) भी एकवचन की होगी। उदाहरण के लिए ‘अहं’ के साथ ‘अस्मि’ या ‘गच्छामि’ ही आएगा। इसी तरह ‘आवां’ के साथ ‘गच्छावः’ सही होगा।
काट-छांट (Overwriting) न करें
परीक्षा में पत्र के उत्तर लिखते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। नंबर डालकर केवल सही उत्तरों की सूची भी साफ-साफ लिखी जा सकती है।
पुनरावृत्ति (Doubt) होने पर दोबारा जांचें
पत्र में खाली जगह भरते समय ध्यान दें कि कोई शब्द दो बार न लिखें। यदि कोई शब्द दो जगह सही बैठ रहा है, तो पूरे पत्र को दोबारा पढ़ें। इससे समझ में आ जाएगा कि कौन सा शब्द किस स्थान के लिए ज्यादा उचित है।
औपचारिक पत्र-लेखन (Formal Letter Writing in Sanskrit)
औपचारिक पत्र किसी पदाधिकारी या ऑफिस के लिए लिखे जाते हैं। कक्षा 6 के छात्रों के लिए इसमें अधिकतर प्रधानाचार्य को लिखे गए पत्र होते हैं। इन पत्रों में अलग-अलग कारणों से छुट्टी के लिए आवेदन (Leave Application) होता है। औपचारिक पत्र लिखते समय ध्यान रखने योग्य बातें ऊपर बताई गई हैं। यहाँ हम कुछ औपचारिक पत्रों का अभ्यास करेंगे।
अभ्यास 1 (Application Letter for Two Days Leave) दिनद्वयस्य अवकाशार्थं प्रार्थनापत्रम्
कक्षा 6 के परीक्षा पैटर्न के अनुसार, औपचारिक पत्र लेखन (Formal Letter Writing) मंजूषा (Help box) के साथ नीचे दिया गया है। यह पत्र ‘दो दिन के अवकाश (छुट्टी) के लिए प्रधानाचार्य को प्रार्थना पत्र’ के विषय पर आधारित है।
मञ्जूषा (Options) एवं उनके अर्थ (Meanings)
| प्रधानाचार्यमहोदयाः | प्रधानाचार्य महोदय | Respected Principal |
| अवकाशम् | छुट्टी | Leave |
| रुग्णः | बीमार | Sick |
| शिष्यः | छात्र / शिष्य | Student / Disciple) |
| असमर्थः | असमर्थ / लाचार | Unable |
पत्र
सेवाग्राम्,
सेवायां,
(१) ………………………….
डी. ए. वी. पब्लिक स्कूल,
नई दिल्ली।
विषयः – दिनद्वयस्य अवकाशार्थं प्रार्थनापत्रम्। (दो दिन की छुट्टी के लिए प्रार्थना पत्र)
महोदयाः,
सवनियं निवेदनम् अस्ति यद् अहम् अद्य सहसा (२) …………………………. अस्मि। अत एव अहं विद्यालयम् आगन्तुम् (३) …………………………. अस्मि।
कृपया मह्यं दिनाक 17-08-2026 अतः 18-08-2026 पर्यन्तं दिनद्वयस्य (४) …………………………. दत्त्वा अनुगृह्णन्तु।
धन्यवादः।
भवतां आज्ञाकारी (५) ………………………….
नाम – अनुरागः
कक्षा- षष्ठी
दिनाङ्कः – 16-08-2026
उत्तरमाला (Answer Key)
परीक्षा में रिक्त स्थानों को इस प्रकार भरा जाएगा:
(१) प्रधानाचार्यमहोदयाः
(२) रुग्णः (बीमार)
(३) असमर्थः (असमर्थ)
(४) अवकाशम् (छुट्टी)
(५) शिष्यः (छात्र)
अभ्यास 2 आवश्यक कार्यं हेतोः एकदिवसस्य अवकाशार्थं प्रार्थनापत्रम् (Application for One day leave)
कक्षा 6 के स्तर और परीक्षा पैटर्न के अनुसार एक और महत्वपूर्ण औपचारिक पत्र नीचे दिया गया है। यह पत्र ‘आवश्यक कार्य (ज़रूरी काम) के कारण एक दिन के अवकाश के लिए प्रधानाचार्य को प्रार्थना पत्र’ के विषय पर आधारित है।
मञ्जूषा (Options) एवं उनके अर्थ (Meanings)
| निवेदनम् | प्रार्थना / विनती | Request |
| महोदय | श्रीमान / आदरणीय | Respected sir |
| आवश्यकम् | ज़रूरी / आवश्यक | Important / Urgent |
| स्वीकृत्य | स्वीकार करके | Accepting |
| कक्षा | श्रेणी / दर्ज़ा | Class |
पत्र
सेवाग्राम्,
सेवायां,
प्रधानाचार्य महोदयाः,
बाल भारती पब्लिक स्कूल,
दिल्ली।
विषयः – एकदिवसस्य अवकाशार्थं प्रार्थनापत्रम्। (एक दिन की छुट्टी के लिए प्रार्थना पत्र)
आदरणीय: (१) …………………………. ,
सविनयं (२) …………………………. अस्ति यद् अद्य मम गृहे एकम् (३) …………………………. कार्यम् अस्ति। अतः अहं विद्यालयम् आगन्तुं न शक्नोमि।
कृपया मह्यं अद्यतनं (आज का) अवकाशं (४) …………………………. अनुग्रहं कुर्वन्तु।
धन्यवादः।
भवतः आज्ञाकारी शिष्यः
नाम – विवेकः
(५) – …………………………. षष्ठी (6th)
दिनाङ्कः – १६-०८-२०२६
उत्तरमाला (Answer Key)
परीक्षा में रिक्त स्थानों को इस प्रकार भरा जाएगा:
(१) महोदय:
(२) निवेदनम् (प्रार्थना)
(३) आवश्यकम् (ज़रूरी)
(४) स्वीकृत्य (स्वीकार करके)
(५) कक्षा
अनौपचारिक पत्र-लेखन (Informal Letter Writing)
संस्कृत में अनौपचारिक पत्र informal लैटर को कहते हैं। यह उन्हें लिखा जाता है जिनसे हमारा व्यक्तिगत या पारिवारिक सम्बन्ध होता हैं। इसमें माता-पिता, भाई-बहन, मित्र और अन्य सगे-सम्बन्धी सम्मिल्लित होते हैं।
अभ्यास 1
कक्षा 6 के स्तर और परीक्षा पैटर्न के अनुसार, दादा-दादी को लिखा जाने वाला अनौपचारिक पत्र (Informal Letter) मंजूषा और उसके अर्थ के साथ नीचे दिया गया है:
मञ्जूषा (Options) एवं उनके अर्थ (Meanings)
| प्रणामाः | सादर प्रणाम | Respectful greetings |
| कुशलम् | ठीक / कुशल मंगल | Well being |
| स्मरामि | याद करता हूँ | Remember / Miss |
| पूजनीयाः | आदरणीय / पूज्य | Respected |
| पौत्रः | पोता | Grandson |
पत्र Informal Letter)
परीक्षा भवनम्,
नई दिल्ली।
दिनाङ्कः – १६-०८-२०२६
(१) …………………………. पितामहः पितामही महोदयाः,
(आदरणीय दादा-दादी जी,)
सादर (२) …………………………. ।
(सादर प्रणाम।)
अत्र सर्वं (३) …………………………. अस्ति, तत्रापि कुशलं प्रार्थयामि। मम अर्धवार्षिकी परीक्षा (Half-yearly exam) समाप्ता अभवत्। मम परीक्षा-पत्राणि अतिशोभनानि अभवन्। अहम् अत्र गृहे भवन्तौ अत्यधिकं (४) …………………………. । आगामी ग्रीष्मावकाशे (गर्मी की छुट्टियों में) अहम् अवश्यं भवतोः समीपं आगमिष्यामि। पितृव्याय (चाचा जी को) अपि मम प्रणामाः।
भवतां स्नेहाकांक्षी (५) ………………………….
(आपका स्नेही पोता)
आरव:
उत्तरमाला (Answer Key)
परीक्षा में रिक्त स्थानों को इस प्रकार भरा जाएगा:
(१) पूजनीयाः (आदरणीय)
(२) प्रणामाः (प्रणाम)
(३) कुशलम् (सब ठीक है)
(४) स्मरामि (याद करता हूँ)
(५) पौत्रः (पोता – यदि लड़की परीक्षा दे रही है, तो वह ‘पौत्री’ लिख सकती है)
अनौपचारिक पत्र अभ्यास 2
कक्षा 6 के स्तर और परीक्षा पैटर्न के अनुसार, छात्रावास (Hostel) से माता-पिता को लिखा जाने वाला अनौपचारिक पत्र (Informal Letter) मंजूषा और उसके अर्थ के साथ नीचे दिया गया है:
मञ्जूषा (Options) एवं उनके अर्थ (Meanings)
| छात्रावासात् | छात्रावास से | From Hostel |
| वन्दनम् | प्रणाम / नमस्कार | Greetings / Salutation |
| शीतकालस्य | सर्दियों की | Winter’s |
| चिन्ता | फिक्र / परेशानी | Worry |
| पुत्रः | बेटा | Son |
पत्र (Informal Letter)
(१) …………………………. ,
राजकीय विद्यालयः,
देहरादूनम्।
दिनाङ्कः – १६-०८-२०२६
पूजनीयौ माता-पितरौ,
(आदरणीय माता-पिता जी,)
सादर (२) …………………………. ।
(सादर प्रणाम।)
अत्र सर्वं कुशलम् अस्ति। मम स्वास्थ्यं अपि अतिशोभनम् अस्ति। भवान् मम विषये (३) …………………………. मा करोतु। अहं छात्रावासस्य नियमेन प्रतिदिनं पठनं करोमि। आगामी (४) …………………………. अवकाशे अहम् अवश्यं गृहम् आगमिष्यामि। अनुजाय (छोटे भाई को) मम स्नेहः।
भवतोः आज्ञाकारी (५) ………………………….
(आपका आज्ञाकारी बेटा)
पीयूषः
उत्तरमाला (Answer Key)
परीक्षा में रिक्त स्थानों को इस प्रकार भरा जाएगा:
(१) छात्रावासात् (छात्रावास से – यह पत्र की शुरुआत में पते के स्थान पर आएगा)
(२) वन्दनम् (प्रणाम)
(३) चिन्ता (चिंता / फिक्र)
(४) शीतकालस्य (सर्दियों की)
(५) पुत्रः (बेटा – यदि लड़की परीक्षा दे रही है, तो वह ‘पुत्री’ लिख सकती है)
अनौपचारिक पत्र अभ्यास 3
कक्षा 6 के स्तर और परीक्षा पैटर्न के अनुसार, जंतुशाला (चिड़ियाघर/Zoo) की सैर के बाद मित्र को लिखा जाने वाला अनौपचारिक पत्र मंजूषा और उसके अर्थ के साथ नीचे दिया गया है:
मञ्जूषा (Options) एवं उनके अर्थ (Meanings)
| जंतुशालाम् | चिड़ियाघर को | To the zoo |
| मित्र | दोस्त | Friend |
| अतीव | बहुत | Very |
| वानराः | बहुत से बंदर | Monkeys |
| नमस्ते | नमस्कार | Greetings |
पत्र (Informal Letter)
परीक्षा भवनम्,
दिल्ली।
दिनाङ्कः – १६-०८-२०२६
प्रिय (१) …………………………. अनुराग,
(प्रिय मित्र अनुराग,)
सस्नेहं (२) …………………………. ।
(स्नेह सहित नमस्ते।)
अत्र सर्वं कुशलम् अस्ति। ह्यः (कल) अहं परिवारस्य सदस्यैः सह (३) …………………………. अगच्छम्। तत्र अहं बहून् पशून् खगान् च अपश्यम्। तत्र एकः विशालः सिंहः आसीत्। वृक्षाणाम् उपरि अनेके (४) …………………………. इतस्ततः कूर्दन्ति स्म। जंतुशालायां मयूरस्य नृत्यं दृष्ट्वा अहम् (५) …………………………. प्रसन्नः अभवम्। त्वया सह अहं पुनः गन्तुम् इच्छामि। तव माता-पितृभ्यां मम प्रणामाः।
तव प्रियं मित्रम्
अभिनवः
उत्तरमाला (Answer Key)
परीक्षा में रिक्त स्थानों को इस प्रकार भरा जाएगा:
(१) मित्र
(२) नमस्ते
(३) जंतुशालाम् (चिड़ियाघर)
(४) वानराः (बंदर)
(५) अतीव (बहुत)
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